नागपुर । भारत की रक्षा और एयरोस्पेस क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में नागपुर में अत्याधुनिक 10,000 टन क्षमता वाले एल्युमिनियम एक्सट्रजऩ प्रेस परियोजना का भूमि पूजन समारोह आयोजित किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भूमि पूजन कर इसका शुभारंभ किया । इस अवसर पर कहा गया कि यह परियोजना देश के रक्षा क्षेत्र, अंतरिक्ष कार्यक्रमों और उच्च तकनीक विनिर्माण उद्योगों के लिए गेम चेंजर साबित होगी। समारोह को संबोधित करते हुए कहा गया कि आधुनिक लड़ाकू विमान, मिसाइल प्रणालियां और उन्नत अंतरिक्ष मिशन ऐसे विशेष धातुओं की मांग करते हैं जो वजन में हल्की होने के साथ-साथ अत्यधिक मजबूत और टिकाऊ हों। इन धातुओं का निर्माण अत्याधुनिक तकनीक और विशेष औद्योगिक प्रक्रियाओं के माध्यम से किया जाता है। नागपुर में स्थापित होने वाला यह एल्युमिनियम एक्सट्रूजऩ प्रेस भारत को ऐसी सामरिक धातुओं के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के चलते देश का रक्षा क्षेत्र अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है। वर्ष 2014 में भारत का कुल रक्षा उत्पादन जहां 46,000 करोड़ रुपये था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह बढक़र रिकॉर्ड 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी प्रकार वर्ष 2014 में रक्षा निर्यात 1,000 करोड़ रुपये से भी कम था, जो अब बढक़र 38,424 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल आंकड़ों की बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता, औद्योगिक ताकत और वैश्विक स्तर पर बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। भारत आज रक्षा क्षेत्र में आयातक से निर्यातक राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर विश्वास व्यक्त किया गया कि देश अगले दो से तीन वर्षों में 3 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन और 50,000 करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात के लक्ष्य को निर्धारित समय से पहले हासिल कर लेगा। नई परियोजना से न केवल रक्षा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि रोजगार सृजन, तकनीकी विकास और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को भी नई गति प्राप्त होगी।
