पुलवामा (दक्षिण कश्मीर)। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के मुर्रान क्षेत्र में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक और भावुक क्षण देखने को मिला, जब 36 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद कश्मीरी पंडितों ने देवी मंदिर में पूजा-अर्चना और हवन किया। इस धार्मिक आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडित शामिल हुए और माता के चरणों में श्रद्धा अर्पित की। पूजा के दौरान कई श्रद्धालु भावुक हो गए। वर्षों बाद अपने पैतृक गांव और धार्मिक स्थल पर पहुंचने वाले कश्मीरी पंडितों ने इसे यादगार पल बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी सुरक्षित और सम्मानजनक घर वापसी के लिए जल्द ठोस कदम उठाएगी, ताकि वे फिर से अपनी जड़ों से जुड़ सकें। इस आयोजन की सबसे खास बात स्थानीय मुस्लिम समुदाय का सहयोग और स्वागत रहा। क्षेत्र के मुस्लिम निवासियों ने कश्मीरी पंडितों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके साथ एकजुटता का संदेश दिया। कई स्थानीय लोगों ने पंडित परिवारों को स्थायी रूप से कश्मीर लौटने का न्योता भी दिया। गौरतलब है कि मुर्रान इलाका कभी आतंकवाद, हिंसा और पत्थरबाजी की घटनाओं के कारण चर्चा में रहता था। ऐसे में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और सौहार्द का यह दृश्य लोगों के लिए उम्मीद और शांति का संदेश लेकर आया है। यह आयोजन कश्मीर में सामाजिक सद्भाव और आपसी विश्वास की नई मिसाल माना जा रहा है।