* लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान बोले सांसद मनीष तिवारी
चंडीगढ़/नई दिल्ली । पूर्व केंद्रीय मंत्री व चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में चुनाव सुधारों और स्पैशल इंसेंटिव रिविजऩ (एसआईआर) पर हुई चर्चा में भाग लिया। चर्चा के दौरान तिवारी ने एसआईआर प्रक्रिया व चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। चुनाव आयोग की नियुक्ति के लिए सतापक्ष के दो सदस्य, विपक्ष से दो सदस्य व चीफ जस्टिस पर आधारित समिति के नियम को बरकरार रखा जाए। ईवीएम के माध्यम से मतदान प्रकिया का विरोध करते हुए उन्होने कहा मतदाता का विश्वास ईवीएम से उठ चुका है। चुनाव प्रकिया से मतदाता की असंतुष्टि का मतलब है लोकतंत्र से भरोसा उठना। जब लोकतंत्र से भरोसा उठता है, तो अराजकता फैलती है। लोकतंत्र पर विश्वास बहाली के लिए अब बैल्ट पेपर व्यव्स्था को लागू कर विश्वास के साथ-साथ लोकतंत्र को मजबूत करने की जरुरत है। चुनाव सुधारो पर चर्चा करते हुए ध्यान दिलाया कि रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल एक्ट-1950 की धारा 21 के अनुसार चुनाव आयोग केवल किसी एक विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर करवा सकता है। पूरे राज्य या देश में नहीं। कानून में एसआईआर का व्यापक प्रावधान ही नहीं है। आयोग केवल उन मतदाताओं की प्रविष्टियों को सुधार सकता है, जिनमें कोई त्रुटि पाई गई हो।
