नई दिल्ली/चंडीगढ़ । आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि ईडी छोटे हिंदू व्यापारियों को निशाना बना रही है और उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने व्यापारियों से घबराने की जरूरत न होने की बात कहते हुए भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार उनके साथ खड़ी है। राजनीतिक हलकों में केजरीवाल के इस बयान को नए राजनीतिक नैरेटिव के रूप में देखा जा रहा है। विपक्ष का एक वर्ग मानता है कि आम आदमी पार्टी अब केवल ईडी और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का मुद्दा नहीं उठा रही, बल्कि हिंदू व्यापारियों के हितों को भी प्रमुखता से सामने रख रही है। इससे पंजाब के शहरी और व्यापारी वर्ग को साधने की कोशिश दिखाई दे रही है। दूसरी ओर, ईडी ने स्पष्ट किया है कि छापेमारी धनशोधन निवारण अधिनियमके तहत चल रही जांच का हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार पंजाब, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया है, जो एक कथित रियल एस्टेट मामले से जुड़ा हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में यह मुद्दा पंजाब की राजनीति में बड़ा विवाद बन सकता है। एक तरफ आम आदमी पार्टी इसे व्यापारियों और हिंदू समाज के सम्मान से जोड़ रही है, वहीं भाजपा और अन्य विरोधी दल इसे राजनीतिक लाभ के लिए तैयार किया गया नैरेटिव बता रहे हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इस बहस को किस नजरिए से देखती है।
केजरीवाल का नया नैरेटिव : ईडी की रेड या हिंदू कार्ड की राजनीति?
Article Top Ad
Article Inline Ad
Article Bottom Ad