नई दिल्ली । प्रगति तिवारी, विशाल मोहन, अंकित बढ़ाना और सुखविंदर विक्की स्टारर फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ को लेकर सुप्रीम कोर्ट में फिल्म के टाइटल और रिलीज पर रोक की मांग को लेकर याचिका दर्ज कराई गई थी। अब कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है, और कोर्ट का कहना है कि फिल्म के टाइटल से यादव समुदाय की छवि खराब नहीं होती। सुप्रीम कोर्ट ने कड़े शब्दों में फिल्म के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। कोर्ट का कहना है कि टाइटल के कुछ भी ऐसा विवादित नहीं है, जैसा ‘घूसखोर पंडत’ में था। ये मामला घूसखोर पंडत से अलग है। फिल्म के टाइटल से यादव समुदाय की छवि खराब नहीं होती है। जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि किसी फिल्म का टाइटल मात्र इसलिए असंवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता कि उससे किसी समुदाय की छवि खराब होने की आशंका जताई जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से फिल्म के रिलीज पर लटकी तलवार अब उतर चुकी है। फिल्म 27 फरवरी को यानी 2 दिन बाद सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म के टाइटल में यादव जी और ट्रेलर में यादव समुदाय की लड़की का एक विशेष वर्ग के व्यक्ति के साथ प्रेम संबंध की वजह से फिल्म का विरोध हो रहा है। यूपी के कई हिस्सों में फिल्म के विरोध में नारेबाजी की गई और फिल्म के पोस्टर भी जलाए गए थे। यादव समुदाय का कहना है कि टाइटल और फिल्म की कहानी के जरिए यादव समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
यादव जी की लव स्टोरी’ के विरोध में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने किया सुनवाई से इनकार
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