अंडरवियर-बनियान व जुराबें मंगवाता है गांधी परिवार : रवनीत बिट्टू
लुधियाना। पूर्व कांग्रेसी विधायक नवजोत कौर सिद्धू ने अपने पति पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की लंबे से कांग्रेस में अनदेखी से परेशान होकर कांग्रेस पार्टी पर 500 करोड़ रुपये में मुख्यमंत्री की कुर्सी बेचने के आरोप लगाए। यहीं बस नहीं मैडम सिद्धू ने हाल में हुए तरनतारन उपचुनाव में टिकट बेचने सहित पार्षद टिकटों का रेट भी सार्वजनिक किया। वहीं कांग्रेसी सांसद पर बतौर राजस्थान के चुनाव प्रभारी रहते टिकटे बेचने के बयान ने कांग्रेस में खलबली मचा दी। जब उनसे पूछा गया नवजोत सिंह सिद्धू प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व पंजाब में दूसरे नंबर का मंत्री बनाने के लिए किसी ने पैसे मांगे तो उन्होने कहा उनके पास इतने पैसे ही नहीं है। नवजोत कौर सिद्धू के अपनी ही पार्टी के नेताओ पर बयान के बाद कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में गए प्रदेश भाजपाध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी कांग्रेसियो में चल रहे आरोप-प्रत्यारोपो की बहती गंगा में हाथ धोते हुए बीते समय में साढ़े तीन करोड़ में कांग्रेस में मुख्यमंत्री की कुर्सी बेचने के आरोप लगा कांग्रेस के घर में सुलगती आग में घी डालने का काम किया। हालांकि आरोप लगाते समय जाखड़ ने खुद के बचाव में करोड़ों में कुर्सी बेचने के अपने पास कोई प्रमाण न होने की बात भी कही। जाखड़ की तरफ से अपने पास कोई प्रमाण न होने की बात कर अपनी ही आरोपो को खुद ही झुठला दिया। जाखड़ के बाद कांग्रेस की ऊंगली पकडक़र सता की दहलीज पार करने वाले केन्द्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने भी कांग्रेस की भीतरी उछलकूद में कूदते हुए कांग्रेस में जिलाध्यक्ष से लेकर पार्षद पद तो बिकते ही हैं। वहीं गांधी परिवार की कोठियो में काम करने वाले नौकरो के लिए अंडरवियर-बनियान व जुराबें भी पार्टी पदाधिक्कारियो को दिल्ली दरबार में भेजनी पड़ती है। अब सवाल यह उठता है कि क्या सचमुच में ही कांग्रेस पार्टी में मुख्यमंत्री की कुर्सी, अध्यक्ष पद, विधायक व पार्षद उम्मीदवारों की टिकटें बिकती हैं कि या फिर सिर्फ यह आरोप-प्रत्यारोप राजानिति चमकाने तक ही सीमित हैं।