लुधियाना : पंजाब में अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच मंगलवार को जिला बार एसोसिएशन, लुधियाना ने अदालतों में पूर्ण हड़ताल कर सख्त विरोध दर्ज कराया। इस दौरान वकीलों ने न्यायिक कार्य से पूरी तरह दूरी बनाए रखी, जिससे अदालतों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ। यह फैसला बार प्रधान एडवोकेट विपिन सग्गर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यकारिणी कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। हड़ताल राज्यस्तरीय ‘नो वर्क डे’ के समर्थन में की गई, जिसे जलालाबाद बार एसोसिएशन ने एडवोकेट राकेश कुमार पांधू पर हुए कथित हमले के विरोध में बुलाया था। हड़ताल के चलते जिला अदालत परिसर में किसी भी प्रकार की बहस, पेशी या अन्य न्यायिक कार्यवाही नहीं हो सकी। कई मामलों की सुनवाई स्थगित करनी पड़ी और पक्षकारों को अगली तारीखें दी गईं। इसके अलावा चैम्बर कॉम्प्लेक्स और अदालती कॉम्प्लेक्स को जोड़ने वाले गेट भी पूरे दिन बंद रखे गए, जिससे आवाजाही पर असर पड़ा। बार प्रधान एडवोकेट विपिन सग्गर ने कहा कि अधिवक्ताओं पर हो रहे लगातार हमले बेहद चिंताजनक और निंदनीय हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वकील न्याय प्रणाली का अहम स्तंभ हैं और उन पर हमला कानून व्यवस्था पर सीधा आघात है। उन्होंने आश्वासन दिया कि लुधियाना बार एसोसिएशन अपने साथी एडवोकेट राकेश कुमार पांधू और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। बार एसोसिएशन ने सरकार और प्रशासन से अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
