* राष्ट्रपति के समक्ष विधायकों की वफादारी का सबूत देने के लिए पंजाब सरकार ने किया दिल्ली की तरफ कूच
चंडीगढ़ । पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में मंगलवार को पूरी की पूरी पंजाब सरकार चंडीगढ़ से होकर हरियाणा के रास्ते दिल्ली के लिए रवाना हुई। मुख्यंमत्री मंगलवार को प्रात: करीब 9 बजे पंजाब के सभी विधायकों को तीन बसों भर कर जैमर गाडिय़ो व बूलैट प्रूफ गाडिय़ो के हूटर बजाते भारी भरकम काफिले के साथ दिल्ली दरबार में राष्ट्रपति के दरबार में शक्ति प्रर्दशन के कूच कर गए। दूसरी तरफ आप से बगावत करने वाले सांसद भी आज राष्ट्रपति के समक्ष अपना पक्ष रखने जाएंगे। दिल्ली कूच पर उठ रहे सवालों पर आम आदमी पार्टी का कहना है कि पंजाब सरकार के प्रति विधायकों की वफादारी का सबूत देने दिल्ली की तरफ कूच किया जा रहा है। मुख्यमंत्री आप से बगावत कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसदो की सदस्यता रद्द करने की गुहार राष्ट्रपति के समक्ष लगाएंगे। मुख्यमंत्री का तर्क है कि जिस पार्टी के पंजाब विधानसभा में कुल दो विधायक हैं। उसके सात राज्यसभा सांसद कैसे हो सकते है। दूसरी तरफ राजनितिक गलियारों में चर्चा है कि जब बिना सरकार के खिलाफ अवश्विास प्रस्ताव प्रस्तुत किए पंजाब विधानसभा में सरकार के बहुमत में होने का फ्लोर टैस्ट पास हो चुका है तो फिर राष्ट्रपति के समक्ष विधायकों की परेड का क्या औचित्य है। विरोधी दलों का कहना है कि राष्ट्रपति का अकेले मुख्यमंत्री को मिलने का समय निर्धारित है तो दिल्ली में मंत्रियो व विधायको की फौज क्यों ? विधानसभा में नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा दिल्ली की तरफ कूच आप सरकार का पावर शो है। उन्होने मजाकिया लहजे में कहा मुख्यमंत्री साहिब देखना किते दिल्ली गए अधे विधायक वापिस ही न परतन?
