एनापोलिस। एशिया और उससे आगे रामायण के प्रसार पर आधारित एक दिवसीय प्रदर्शनी अमेरिका के मैरीलैंड स्टेट असेंबली बिल्डिंग में आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में स्टेट लॉ मेकर, राजनयिक और समाज के कई प्रमुख लोग शामिल हुए। यह आयोजन एनापोलिस परिसर में हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंचे। कार्यक्रम में मैरीलैंड के कई प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। प्रतिनिधि वू चाओ ने कहा कि यह प्रदर्शनी दिखाती है कि संस्कृति कैसे अलग-अलग देशों और पृष्ठभूमियों के लोगों को जोड़ती है। उनके अनुसार ऐसी सांस्कृतिक पहल लोगों के बीच समझ बढ़ाती है और राजनीति में दिखने वाले मतभेदों को कम करने का काम करती है। चाओ ने कहा, “यह एक ऐसी संस्कृति है जो लोगों को जोड़ती है और विविधता प्रदान करती है और वास्तव में विभिन्न पृष्ठभूमियों के बीच समझ को बढ़ाती है।” प्रतिनिधि हैरी भंडारी ने रामायण की नैतिक शिक्षाओं पर बात करते हुए कहा कि यह केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक है। उन्होंने बताया कि रामायण हमें चरित्र, त्याग, पारिवारिक मूल्यों, विनम्रता और अहंकार से बचने की सीख देती है। आज के समय में, जब समाज कई तरह की समस्याओं से जूझ रहा है, ये शिक्षाएं और भी महत्वपूर्ण हो जाती हैं।