लुधियाना/चंडीगढ़ । शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने दावा किया है कि उन्हें पिछले सात दिनों में तीसरी बार जान से मारने की धमकी मिली है। उन्होंने कहा कि यह मामला न केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर चिंता पैदा करता है। अदालत में एक मामले के सिलसिले में पहुंचे मजीठिया ने कहा कि उनकी स्थिति दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला जैसी होती जा रही है, जिनकी सुरक्षा हटाए जाने के बाद हत्या कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि ऐसी धमकियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता और तत्काल कड़े कदम उठाने की जरूरत है। मजीठिया ने आरोप लगाया कि अंदरूनी जानकारी के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को उन्हें सुरक्षा देने के लिए दिल्ली से अनुमति की आवश्यकता है, जिसके कारण वे निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि एक राजनीतिक नेता की सुरक्षा के लिए भी बाहरी अनुमति लेनी पड़ रही है, तो राज्य की स्वायत्तता पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एक “शराबी व्यक्ति” राज्य के मामलों को कैसे संभाल सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि विधानसभा और संसद जैसी जगहों पर नेता नशे की हालत में पहुंचते हैं, तो यह पंजाब और देश की सुरक्षा के लिए खतरा है।इस मौके पर अकाली नेता महेशइंदर सिंह ग्रेवाल, जो मजीठिया के साथ अदालत में मौजूद थे, ने कहा कि जब किसी राजनीतिक नेता को लगातार जान से मारने की धमकियां मिलती हैं, तो यह सरकार के लिए चेतावनी होती है। उन्होंने राज्य सरकार से तुरंत सख्त कदम उठाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
