वाराणसी। सनातन संस्कृति से प्रेम के चलते मुस्लिम युवक ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच सनातन धर्म अपना लिया। योगी आलोक जी ने मध्यप्रदेश के सागर के रहने वाले युवक विधिवत तौर पर वैदिक श्लोकों के साथ शुद्धिकरण करवा कर सनातन धर्म की दीक्षा दी। दीक्षा के उपरांत अर्शद खान को नए नाम के साथ अथर्व त्यागी के रुप में नई पहचान के साथ बाबा विश्वानाथ के दरबार में नतमस्तक होकर आर्शीवाद लिया। सनातन धर्म में शामिल होने की मन की इच्छा बारे बताते हुए उन्होने कहा बचपन से ही सनातन धर्म में रुचि के चलते मंदिरो सहित धार्मिक आयोजनों में जाने पर मुस्लिम होने के चलते मन में भय बना रहता था। मुस्लिम समाज से होने के चलते मन में भय के चलते भजन, संकीर्तन व सत्संग सुनने के बाद भी मन अशांत रहता था। इस दौरान उन्होने अपने मुस्लिम माता-पिता, भाई-बहन की सहमति से सनातन धर्म अपनाया है। माता-पिता सहित अन्य पुराने रिश्तो को छोडऩे के सवाल पर उसने कहा अब उसे सनातन धर्म का विशालकाय परिवार मिला गया है।