नई दिल्ली ।। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने संकेत दिया है कि वह भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान बढ़ा सकता है। इसकी वजह यह है कि हाल की तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था उम्मीद से बेहतर गति से बढ़ी है। इससे एक बार फिर साफ होता है कि वैश्विक विकास को आगे बढ़ाने में भारत की भूमिका बहुत अहम है। भारत की 2025 की आर्थिक वृद्धि को लेकर पूछे गए सवाल पर आईएमएफ की संचार विभाग की निदेशक जूली कोज़ैक ने कहा कि भारत ग्लोबल विस्तार को आगे बढ़ा रहा है, भले ही व्यापक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक माहौल में अनिश्चितता छाई हुई हो। कोज़ैक ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से कहा, “हमने भारत में देखा है कि भारत दुनिया के लिए एक प्रमुख ग्रोथ इंजन है।” आईएमएफ की हाल की समीक्षा में वित्त वर्ष 2025–26 के लिए भारत की विकास दर 6.6 प्रतिशत आंकी गई थी। यह अनुमान देश के भीतर मजबूत खपत पर आधारित है। जूली कोज़ैक ने बताया कि बाद में आए नए आर्थिक आंकड़ों, खासकर तीसरी तिमाही के आंकड़ों ने आईएमएफ का भरोसा और मजबूत किया है।
तीसरी तिमाही में भारत की आर्थिक वृद्धि अनुमान से ज्यादा रही। इसी वजह से आईएमएफ को अब यह संभावना दिख रही है कि आने वाले समय में भारत की विकास दर के अनुमान को और ऊपर किया जा सकता है। आईएमएफ अगले कुछ दिनों में अपने वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक का जनवरी अपडेट जारी करने जा रहा है। इसमें भारत और अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के नए अनुमान शामिल होंगे। उस समय भारत के लिए संशोधित विकास दर भी बताई जाएगी।
