* रंधावा, जाखड़ को बोली में पछाड़ चन्नी कैसे बने मुख्यमंत्री, प्रियंका गांधी ने फेंका सिद्धू का गुलदस्ता
लुधियाना। अकाली दल ने एआई के माध्यम से विडियो का फिल्मांकन कर कांग्रेस पार्टी में पार्षद पद से लेकर अध्यक्ष व मुख्यमंत्री पदों की तय कीमतो पर कटाक्ष किया। अकाली दल ने उक्त विडियो पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू की तरफ से कांग्रेस पार्टी में मुख्यमंत्री की कुर्सी 500 करोड़ में बिकने के किए खुलासे के बाद तैयार करवाई है। एक मिनट के वीडियो में दिखाया गया है कि नई दिल्ली स्थित गांधी निवास पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी पंजाब में कैप्टन अमरेन्द्र को सता से बेदखल करने के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी किसे दी जाए पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। विचार-विमर्श के दौरान ही कांग्रेसी नेता सुखजिन्द्र सिंह रंधावा मुख्यमंत्री पद हासिल करने के लिए 200 करोड़ रुपए लिखा अटैची लेकर गांधी हाऊस पंहुच जाते हैं। जैसे ही रंधावा ने उनके समक्ष अटैची रखा तो भडक़े गांधी परिवार ने साफ इंकार कर दिया कि इतने कम पैसो में बात नहीं बनेगी। रंधावा के बाद 100 करोड़ बढ़ाकर सुनील जाखड़ 300 करोड़ रुपये का अटैची लेकर हाइकमान के दरबार पंहुच गए। गांधी परिवार 300 करोड़ से भी संतुष्ट नहीं हुआ और जाखड़ को भी खाली हाथ लौटा दिया। इसी बीच खुद को गांधी परिवार के करीबी समझने वाले नवजोत सिंह सिद्धू फूलों का गुलदस्ता लेकर प्रियंका के दरबार में पंहुच जाते है। फिल्म में प्रियंका गांधी सिद्धू के गुलदस्ते को जमीन पर पटक कर कहती हैं कि मुफ्त में मुख्यमंत्री पद नहीं मिलता। रंधावा, जाखड़ व सिद्धू की आफर गांधी हाउस में रिजैक्ट होने पर चरणजीत सिंह चन्नी को खबर मिलती है, तो वह किसी तरह फंड के रुप में एकित्रत किए 500 करोड़ रुपये का अटैची लेकर आटो पर सवार होकर गांधी परिवार के समक्ष डरते-डरते पेश होते हैं। चन्नी सोनिया-राहुल गांधी के समक्ष 500 करोड़ का अटैची रखते हैं। और मुख्यमंत्री पद हासिल करने की अपनी इच्छा बताते हैं। नोटो की गड्डियां देख राहुल बागोबाग होकर चन्नी को मुख्यमंत्री पद की शपथ की ताीख तय कर देते हैं। चन्नी को शपथ लेते दिखाकर विडियो में रंधावा, जाखड़ व सिद्ध ू को बुझे मन से खड़े दिखाए गए हैं।
नोट : यह खबर अकाली दल की तरफ से जारी ए.आई विडियो पर आधारित है। दिव्य रणभूमि इसकी पुष्टि नहीं करता।
