लुधियाना। साहनेवाल के नत गांव स्थित तपोस्थली कुटिया श्री दंडी स्वामी महाराज में बसंत पंचमी के उपलक्ष्य में 13वां वार्षिक हरिनाम संकीर्तन आयोजित हुआ। पं. श्री राजकुमार शर्मा जी की अध्यक्षता में आयोजित उत्सव का शुभारंभ विधिवत पूजन के साथ हुआ। श्री ठाकुर जी के भव्य और अलौकिक दरबार के दर्शन कर श्रद्धालुओ ने श्री सिद्धपीठ पर्रिकर द्वारा भावपूर्ण संकीर्तन का आनन्द उठाया। अश्वनी ग्रोवर,बृजमोहन ढींगड़ा,सोमनाथ बब्बू, ललित शर्मा एवं आत्म प्रकाश की तरफ से प्रस्तुत भजन ये वो दर जहां आने से तकदीरे बदलती हैं…., हे लाडली, सुध लीजे हमारी हे राधा रानी…सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हुए। श्री दंडी स्वामी प्रज्ञानंद जी महाराज ने भक्तों को आशीर्वाद दिया। ब्राह्मणों ने स्वस्वर पाठ, स्वस्तिवाचन एवं शांति पाठ किया। पं. श्री राजकुमार शर्मा जी ने कहा हरिनाम संकीर्तन और नाम जप कोई साधारण कर्म नहीं है, यह पूर्व जन्मों के पुण्य संस्कारों का फल होता है। हरिनाम संकीर्तन से मन शुद्ध होता है और जीव आत्मिक शांति व मोक्ष के मार्ग की ओर अग्रसर होता है। संकीर्तन के समापन पर ब्राह्मण भोजन के उपरांत भंडारा वितरित हुआ। का आयोजन किया गया,