* मुख्यमंत्री व सतापक्ष के मंत्रियो ने तूं तड़ाक करके विपक्ष को कराया चुप
चंडीगढ़ । पंजाब विधानसभा के मंगलवार को आयोजित एक दिवसीय स्पैशल अधिवेशन में तंू-तड़ाक की भाषा का खुल कर इस्तेमाल हुआ। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में बदलाव के विरोध में पेश प्रस्ताव पास किया गया। कैबिनट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद की तरफ से सदन में पेश प्रस्ताव सर्वसम्मति से हुआ। विधानसभा में ज्यादातर समय टकराव देखने को मिला। सतापक्ष के मंत्री व विपक्ष के विधायक एक दूसरे नंू टूट-टूट के पै गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान के संबोधन के दौरान कांग्रेसी विधायक सुखदेव खैहरा के टोकने से भडक़े मुख्यमंत्री गुस्से में बोले बैहजा तूं बैहजा। जब फिर भी खैहरा नहीं माने तो उन्होने स्पीकर से आग्रह कर खैहरा को बाहर जाने के लिए कहलवाया। इसी तरह नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के साथ भी मुख्यमंत्री व मंत्रियो के बीच कई बार हुई कहासुनी बीच बहस तूं तड़ाक तक पंहुची। इस बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रुक-रुक भाषण जारी रखते हुए कहा अगर केंद्र सरकार ऐसे फैसले करती रही तो अकाली नेताओं के साथ लोग लोग भाजपा को भी गांवों में घुसने नहीं देंगे। मैं केंद्र सरकार से कहा गरीबों की गर्दन पर आरा रखना बंद करो। चेतवानी भरे लहजे में मुख्यमंत्री ने कहा हम हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो सडक़ों भी उकरेंगे। भाजपा शासित राज्यों यूपी, गुजरात और मध्य प्रदेश में मनरेगा के नाम घोटाले हुए हैं। मनरेगा से इस बिल को जी राम जी करके भाजपा ने मनरेगा की आत्मा मार दी। अब खबरों में सुनने को मिलेगा कि जी राम जी स्कीम में 300 करोड़ का घोटाला हुआ। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने कहा जी राम जी स्कीम से भगवान का क्या लेना-देना है। भाजपा ने मनरेगा का नाम बदल कर पहली छुरी से महात्मा गांधी का दोबारा कत्ल कर दिया। कैबिनट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ बोले ने जी राम जी बिल को दलित विरोधी एक्ट बताया।
सीएम मान ने खैहरा को कहा बैहजा-बैहजा तंू बैहजा
मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान कांग्रेस सदन में जैसे ही सीएम भगवंत मान बोलने लगे तो सुखपाल सिंह खैहरा ने हंगामा कर दिया। सीएम भगवंत मान ने कहा कि मनरेगा स्कीम को बदल कर बिल की आत्मा खत्म कर दी गई। उस पर यह स्पेशल सेशन है।
मनरेगा के खिलाफ पंजाब विधानसभा सैशन ड्रामा : बाजवा
नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मनरेगा के बदले स्वरुप के विरोध में बुलाए विधानसभा के सैशन को ड्रामा बताते हुए कहा सैशन प पंजाब का पैसा बर्बाद करने के बावजूद कुछ हासिल नहीं होगा। 20 वर्ष पुराने मनरेगा की अनदेखी के आप सरकार पर आरोप लगाते हुए नेता विपक्ष ने कहा 100 दिन की मनरेगा रोजगार की गारंटी पर पंजाब सरकार खरी नहीं उतरी। चार साल के शासनकाल में 27 दिन ही औस्त लोगो को रोजगार मिला। आप नेतृत्व को महात्मा गांधी का विरोधी बताते हुए उन्होने कहा मुख्यमंत्री बताए उन्होने सतासीन होते ही सरकारी दफ्तरों से महात्मा गांधी की तस्वीरें क्यों हटाई।
मनरेगा के नाम पर विद्रोह की स्थिति बनाने के लिए प्रयत्नशील है आप सरकार : अश्वनी शर्मा
भाजपा विधायक व प्रदेश भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने जी.राम.जी योजना को जनहितैषी बताते हुए कहा पंजाब सरकार के रवैये से ऐसा प्रतीत हो रहा कि वह मनरेगा के नाम पर केंद्र सरकार के खिलाफ विद्रोह करवाना चाहती है। नए बिल के प्रावधान में अब 100 दिन की जगह 125 दिन मजदूरों को रोजगार मिलेगा। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार में हुआ 225 करोड़ का घपला : हरपाल चीमा
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने अपने संबोधन में कहा भाजपा शासित राज्यों मध्य प्रदेश और गुजरात में मनरेगा में करोड़ों रुपये का घोटाले हुए। शिवराज चौहान की सरकार के कार्यकाल में 255 करोड़ का घपला हुआ है। भाजपा वाले घपले खुद करते है। आरोप हम पर लगाते हो। विधायक अमोलक ने कहा कि अगर भाजपा वाले 2007 से मनरेगा की ऑडिट कराना चाहते हैं तो तो मध्यप्रदेश और गुजरात से मनरेगा का आडिट करवाओ।
पंजाब में 10,653 करोड़ का मनरेगा में हुआ घोटाला : शिवराज चौहान
