* कहा, 31 मार्च तक समस्या का हल न किया तो भट्ठे बंद कर सौपेंगे जिला स्तर पर प्रशासन को चाबियां
लुधियाना। पंजाब भट्ठा मालिक एसोसिएशन की बैठक स्थानीय फिरोजपुर रोड स्थित रिसोर्ट में आयोजित हुई । बैठक के दौरान कोल माफिया गिरोह की मनामानियो के चलते बेलगाम हुए कोयले के दामों से तबाह होते ईंट भट्ठा कारोबार पर समूह सदस्यों ने एक स्वर में चिंता व्यक्त की। वहीं कोयले की खरीद पर जीएसटी पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत करने की भी कड़े शब्दों में निंदा की। गुजरात स्थित कांडला पोर्ट से विदेश से आने वाले इम्बोर्टड कोयले के बढ़ते दामों के साथ-साथ कोयले की कम होती गुणवता पर उन्होने कहा मिलावट के चलते कोयले का तापमान कम होने के चलते ईंट निर्माण में लागत बढ़ती जा रही है व आय कम हो रही है। 10 हजार रुपये प्रति टन बिकने वाला कोयला मौजूदा समय में 16 से 17 हजार हजार के दाम पार कर चुरा है। गुजरात से पंजाब पंहुचते-पंहुचते उक्त दाम जीएसटी व किराए भाड़े को मिला कर 22 व 23 हजार तक पंहुच रहे हैं। केंद्र व राज्य सरकारें चंद मुट्ठी भर कोयला कंपनियो की मिलीभगत के चलते कोयले के बढ़ते दामों से बेखबर हो कुभंदर्णी नींद सो रही है। परिणाम स्वरुप व्याापर में घाटे के चलते पंजाब में भट्ठों की गिनती पहले से ही 2700 से किसी कारण कम होकर 1800 रह गई। अब कोयले के दाम बढऩे से 25 प्रतिशत और भट्ठे बंद होने के कगार पर हैं। इतनी बढ़ा तादाद में भट्ठे बंद होने से मालिक व मजदूरों की अर्थिक स्थिति बद से बदतर हो रही है। एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश मोही व महासचिव लखबीर सिंह संधू ने कहा अगर केंद्र व राज्य सरकारों ने कोल माफिया पर लगाम न कसी तो ईंट भट्ठा उद्योग का भविष्य धुंधला होने से कारोबार ठप्प हो जाएगा। उन्होने चेतावनी भरे लहजे में कहा अगर केंद्र व राज्य सरकार ने ईंट भट्ठा उद्योग को बचाने के प्रयास न किए तो भट्ठा मालिक एक अप्रैल से भट्ठे बंद करके जिला इकाइयोंं के माध्यम से प्रशासन को चाबियां सौंपने पर को मजबूर होंगे। इस अवसर पर एसोसिएशन चेयरमैन मनजिन्द्र सिंह, कैशियर परमजीत सिंह संधू व जिला लुधियाना एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, तरनतारन के अध्यक्ष जसबीर सिंह सहित पंजाब भर से आए राज्य व जिला स्तर के पदाधिक्कारी व अन्य भी उपस्थित रहे।
